शारजाह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में चेन्नई सुपर स्टार बना डीपीएल का चैंपियन!

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दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया द्वारा फिजिकली चैलेंज्ड क्रिकेट खिलाड़ियों के आईपीएल की तर्ज पर आयोजित दिव्यांग प्रीमियर लीग यानी डीपीएल का बेहद खूबसूरत आयोजन शारजाह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में किया गया। इसमें 90 फिजिकली चैलेंज्ड खिलाड़ियों ने 6 टीमों के रूप में भाग लिया पहली बार आयोजित हुए इस ग्रैंड आयोजन का टाइटल चेन्नई सुपर स्टार्स टीम ने जीता।

चेन्नई सुपर स्टार्स के कप्तान सचिन शिवा ने टॉस जीता और पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। चेन्नई सुपर स्टार्स की शुरुआत काफी खराब रही पारी के थर्ड ओवर में कप्तान सचिन शिवा 2 रन बनाकर लव वर्मा की गेंद पर आउट हो गए। अभी स्कोर 26 रन पर पहुंचा था कि लव वर्मा ने चेन्नई सुपर स्टार को एक और झटका दे दिया और राजेश 10 रन बनाकर पवेलियन में वापस चले गए। इसके बाद कार्तिक और शिवा कुमार ने पारी को थोड़ा संभाला लेकिन दुर्भाग्य अवश्य 19 रन के व्यक्तिगत योग पर कार्तिक को भी लव वर्मा ने रन आउट कर दिया। थोड़ी उम्मीद ऑल राउंडर कैलाश प्रसाद से थी लेकिन 6 रन बनाकर कैलाश भी आउट हो गए। लेकिन चेन्नई सुपर स्टार के बल्लेबाजों ने हार नहीं मानी। शिवा कुमार 23, संतोष कुमार 35 और सन में करने 33 रन बनाकर चेन्नई को 20 ओवर की समाप्ति पर 147 के स्कोर पर पहुंचाया।

जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी कोलकाता नाइट फाइटर्स की टीम 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 124 रन ही बना सकी। हालांकि कोलकाता की शुरुआत बहुत शानदार हुई। 6 ओवर में पहले विकेट के लिए 46 रन जोड़े लेकिन गुलामदीन 21 रन बनाकर आउट हो गए। उसके बाद राहुल पांडे और ऑलराउंडर लव वर्मा अपना खाता भी नहीं खोल सके। हालांकि जीत भौमिक ने मजबूती के साथ खेलते हुए 42 और कप्तान सुवरो जॉर्डर 33 ने कोलकाता टीम को जीत का सेहरा पहनाने के लिए भरसक प्रयास किया लेकिन कैलाश की गेंदबाजी के आगे उनकी एक नहीं चली और पूरी टीम 124 रन बना सकी। चेन्नई सुपर स्टार्स की तरफ से कैलाश प्रसाद ने तीन विकेट उखाड़े, मनी ने दो, राजेश और श्रीनिवासन ने एक-एक विकेट लिया। मैन ऑफ द फाइनल मैच कैलाश प्रसाद को दिया गया।

 इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया के मुख्य संरक्षक अतुल जैन, शारजाह क्रिकेट स्टेडियम के जनरल मैनेजर मजहर खान, दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया के महासचिव हारून रशीद, डीपीएल के डायरेक्टर आर मुरुगन राज, डीसीसीबीआई की सीईओ गज़ल खान के अलावा प्रमिला चंद्रशेखर, डॉ पॉल, मोहम्मद सुलेमान अहमद, नितेंद्र सिंह, स्वतंत्र कुमार, मुकेश कंचन, रमेश सरतापे, दुर्गेश शर्मा आदि ने पुरस्कार वितरण किया। जीत भौमिक को सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज, गुलामदीन को सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज, चिराग गांधी सर्वश्रेष्ठ क्षेत्र रक्षक और शिवा कुमार को सर्वश्रेष्ठ विकेटकीपर के रूप में सम्मानित किया गया। मैन ऑफ द सीरीज का खिताब कैलाश प्रसाद को दिया गया। मैच के अंपायर नागेंद्र सिंह राजपूत तथा योगेश शिंदे तथा स्कोरर भाविन पांचाल का भी सम्मान किया गया।

 इस अवसर पर दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया के महासचिव हारून रशीद ने बताया कि यह आयोजन दिव्यांग जन क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े और सबसे खूबसूरत आयोजनों में से एक है। इस आयोजन को तैयार करने में पूरे 6 महीने का समय लग गया। सभी फिजिकली चैलेंज्ड खिलाड़ियों ने शारजाह के मैदान पर खेल कर भरपूर लुत्फ उठाया। खिलाड़ियों के लिए यह पल जीवन भर याद रखने लायक है। हारून रशीद ने आगे बताया कि आयोजन की खूबसूरती इस बात से और भी बढ़ जाती है कि इस आयोजन में नागेंद्र सिंह, योगेश शिंदे और मोहम्मद रफी अंपायर, स्कोरर भाविन पांचाल भी दिव्यांग थे। जितने भी आयोजन समिति के कार्यकर्ता थे, सभी शारीरिक रूप से दिव्यांग थे। हर किसी का यही प्रयास था कि इस आयोजन को हम ज्यादा से ज्यादा खूबसूरत बनाए ताकि आईपीएल जैसा एक टूर्नामेंट यह फिजिकली चैलेंज्ड खिलाड़ियों का कहलाए।  दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ऑफ इंडिया की सीईओ ग़ज़ल खान ने बताया यह आयोजन लगातार 5 वर्ष शारजाह के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैदान पर किया जाएगा। अगले वर्ष के आयोजन में 8 टीम खेलेंगी और जिस प्रकार आईपीएल में हर टीम में 5 विदेशी खिलाड़ी होते हैं दिव्यांग प्रीमियर लीग के अगले आयोजन में सभी 8 टीम में 5-5 विदेशी खिलाड़ियों को रखा जाएगा। डीपीएल के डायरेक्टर आर मुर्गन राज ने बताया कि अगले वर्ष 8 टीम के जो खिलाड़ी होंगे उनकी विधिवत बोली लगाई जाएगी। प्रयास रहेगा कि हर खिलाड़ी को क्रिकेट खेलने का कुछ पैसा भी मिले ताकि यह शारीरिक रूप से विकलांग खिलाड़ी कुछ आर्थिक लाभ भी प्राप्त कर सकें।

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