वरिष्ठ पत्रकार वीरेन्द्र शर्मा की मांग। पत्रकारों को भी कोरोना वॉरियर का दर्जा दे सरकार, कमलनाथ बोले सीएम को लिखेंगे पत्र!

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मध्य प्रदेश के पत्रकार वीरेंद्र शर्मा ने प्रदेश के पत्रकारों को कोरोनावॉरियर का दर्जा देने की मांग की है। मध्य प्रदेश में अभी पुलिस, प्रशासन, नगरीय निकाय और कोरोना संबंधी कार्यों में लगे सरकारी कर्मचारियों-अधिकारियों को कोरोनावॉरियर का दर्जा प्राप्त है जिसके तहत कोरोना से मृत्यु होने पर उनके परिजनों को पचास लाख रू की राशि और अनुकंपा नियुक्ति दी जाती है। वीरेंद्र शर्मा पहले सहारा समय के मध्य प्रदेश चैनल के एसोसिएट एडिटर रह चुके हैं और वर्तमान में एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ के प्रधान संपादक हैं।
गुरुवार को कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष कमलनाथ की वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में वीरेंद्र शर्मा ने यह मुद्दा उठाया। उन्होंने दो दिन पहले सहारा समय की एंकर निकिता तोमर की कोरोना से हुई मृत्यु को लेकर कमलनाथ से सवाल किया कि जब पुलिस के अधिकारी या कर्मचारी रेवेन्यू के लोग और मंडी के लोग भी कोरोना वॉरियर हैं तो पत्रकारों को यह दर्जा क्यों नहीं जबकि वह जान जोखिम में डालकर 16-16 घंटे काम कर रहे हैं। ऐसे हालात में सरकार को उनकी सुरक्षा करते हुए उन्हें भी कोरोना वॉरियर का दर्जा देना चाहिए। कोरोना वॉरियर का दर्जा प्राप्त व्यक्ति को कोरोना से मृत्यु होने पर मध्यप्रदेश में 50 पचास लाख रू और सरकारी नौकरी देने का प्रावधान है। कमलनाथ ने वीरेंद्र की मांग से सहमति जताते हुए कहा कि मैं खुद चाहता हूं कि पत्रकार कोरोना वॉरियर की श्रेणी में शामिल हों और इसके लिए मैं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र भी लिखूंगा। दरअसल कोरोना के चलती मध्यप्रदेश में कई पत्रकार जान से हाथ धो बैठे हैं। बुधवार को ही भोपाल की कनिका तोमर ग्वालियर के आकाश और गुरूवार को भोपाल के मनोज राजपूत सहित इंदौर के दो पत्रकार जान गंवाने वालो में शामिल हैं। इसके अलावा कई कैमरामैन और प्रेस फोटोग्राफर भी काल कलवित हो चुके हैं। इंदौर में कोरोना से दिवंगत दो परिवारों को राज्य के जनसंपर्क विभाग ने चार-चार लाख रू की सहायता दी है जो नाकाफी है । विभिन्न पत्रकार संगठनों ने भी वीरेंद्र की मांग का समर्थन करते हुए पूरे देश भर में पत्रकारों को कोरोना वॉरियर का दर्जा देने की मांग की है।

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